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उलà¥à¤Ÿà¥€ कà¥à¤¯à¤¾ है?
जब à¤à¥‹à¤œà¤¨ पेट से अनैचà¥à¤›à¤¿à¤• रूप से या सà¥à¤µà¥‡à¤šà¥à¤›à¤¾ से मà¥à¤‚ह से बाहर आ जाता है, तो उसे उलà¥à¤Ÿà¥€ कहा जाता है। यह कई कारणों से होता है जैसे - मोशन सिकनेस / सीसिकनेस, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही, à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• तनाव, पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की बीमारी, संकà¥à¤°à¤®à¤£, दिल का दौरा, अधिक à¤à¥‹à¤œà¤¨ करना, बà¥à¤°à¥‡à¤¨ टà¥à¤¯à¥‚मर, कैंसर, अलà¥à¤¸à¤°, बà¥à¤²à¤¿à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ और विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन या अधिक शराब।
बीमार होने पर हमें उलà¥à¤Ÿà¥€ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होती है?
उलà¥à¤Ÿà¥€ शरीर को बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, वायरस, जहर, या कà¥à¤› परेशान करने वाले पदारà¥à¤¥ के बाहरी खतरे से शरीर की रकà¥à¤·à¤¾ करने का तरीका है। उलà¥à¤Ÿà¥€ का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ पेट की सामगà¥à¤°à¥€ को खाली करना है जो शरीर को चोट पहà¥à¤‚चा सकती है।
आपको उलà¥à¤Ÿà¥€ जैसा कà¥à¤¯à¤¾ लकà¥à¤·à¤£ महसूस होता है?
उलà¥à¤Ÿà¥€ के संकेत:
फ़ूड पॉइज़निंग: बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, वायरस से दूषित à¤à¥‹à¤œà¤¨ का सेवन आमतौर पर फ़ूड पॉइज़निंग का कारण बनता है। इसके लकà¥à¤·à¤£ बहà¥à¤¤ गंà¤à¥€à¤° नहीं होते हैं लेकिन अगर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बनी रहती है तो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाने की जरूरत होती है।
अपच: यह à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जो आजकल दूषित à¤à¥‹à¤œà¤¨ या कà¥à¤› पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ पाचन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के कारण सà¤à¥€ को होती है।
पेट फà¥à¤²à¥‚: वायरल गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टेराइटिस के रूप में à¤à¥€ जाना जाता है, यह तब होता है जब पेट और आंत में सूजन होती है।
गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸: कमजोर पेट की रेखाà¤à¤‚ पाचक रसों को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाती हैं और उसमें जलन पैदा करती हैं। इससे उलà¥à¤Ÿà¥€ और जी मिचलाने की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ पैदा होती है।
उलà¥à¤Ÿà¥€ के लकà¥à¤·à¤£:
पेट में दरà¥à¤¦, दसà¥à¤¤, बà¥à¤–ार, चकà¥à¤•र, अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• पसीना, मà¥à¤‚ह सूखना, पेशाब में कमी, बेहोशी, चिंता, डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨, à¤à¥à¤°à¤®, अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• नींद न आना, खून की उलà¥à¤Ÿà¥€ ये सब उलà¥à¤Ÿà¥€ के कà¥à¤› सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ हैं।
उलà¥à¤Ÿà¥€ के कà¥à¤¯à¤¾ कारण है?
उलà¥à¤Ÿà¥€ के कारण उमà¥à¤° और सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बदलते हैं जहां हर किसी को इससे जà¥à¤¡à¤¼à¥€ à¤à¤• अलग समसà¥à¤¯à¤¾ का सामना करना पड़ता है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में बà¥à¤–ार, फूड पॉइजनिंग, दूध से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€, जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाना आदि के कारण उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उलà¥à¤Ÿà¥€ का अहसास होना आम बात है। आम तौर पर यह à¤à¥‹à¤œà¤¨ के तà¥à¤°à¤‚त बाद महसूस होता है और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° यह फूड पॉइजनिंग, जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाने, अपच, गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ या अलà¥à¤¸à¤° के कारण होता है।
उलà¥à¤Ÿà¥€ के कारण अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के आधार पर à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ हो सकते हैं।
वयसà¥à¤•ों में उलà¥à¤Ÿà¥€:
वयसà¥à¤•ों में उलà¥à¤Ÿà¥€ के कà¥à¤› सबसे सामानà¥à¤¯ कारण इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
वायरल और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥¤
शराब या मादक दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯à¥‹à¤‚ का सेवन।
चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जैसे माइगà¥à¤°à¥‡à¤¨, मोशन सिकनेस, चकà¥à¤•र आदि।
कीमोथेरेपी जैसी दवाà¤à¤‚ और उपचार।
शिशà¥à¤“ं में उलà¥à¤Ÿà¥€ होना:
उलà¥à¤Ÿà¥€ à¤à¤• सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जो शिशà¥à¤“ं और बचà¥à¤šà¥‹ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है। कà¥à¤› कारक जो शिशà¥à¤“ं और बचà¥à¤šà¥‹ में उलà¥à¤Ÿà¥€ का कारण बनते हैं, वे हैं:
आंतà¥à¤°à¤¶à¥‹à¤¥ (आंत का संकà¥à¤°à¤®à¤£)।
कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€à¥¤
मूतà¥à¤° पथ के संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥¤
नà¥à¤¯à¥‚मोनिया।
अपेंडिसाइटिस (परिशिषà¥à¤Ÿ की सूजन)।
किसी जहरीले पदारà¥à¤¥ का आकसà¥à¤®à¤¿à¤• अंतरà¥à¤—à¥à¤°à¤¹à¤£à¥¤
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने पर उलà¥à¤Ÿà¥€ होना:
उलà¥à¤Ÿà¥€ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ चीज है जो आमतौर पर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान होती है। यह आमतौर पर मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस के कारण होता है जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° में उतार-चढ़ाव के कारण होता है। हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° में उतार-चढ़ाव à¤à¥€ पाचन पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ूल पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डालने के लिठजाना जाता है। धीमी पाचन का कारण है:
अपच।
à¤à¤¸à¤¿à¤¡ रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸à¥¤
पेट में जलन।
उपरोकà¥à¤¤ सà¤à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान उलà¥à¤Ÿà¥€ को टà¥à¤°à¤¿à¤—र कर सकती हैं।
मासिक धरà¥à¤® के दौरान उलà¥à¤Ÿà¥€ होना:
मासिक धरà¥à¤® के दौरान उलà¥à¤Ÿà¥€ होना à¤à¤• आम बात है। पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¤¾à¤—à¥à¤²à¥ˆà¤‚डीन हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ में से à¤à¤• है जो मासिक धरà¥à¤® चकà¥à¤° के दौरान महिला शरीर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जारी किया जाता है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ यह हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ रकà¥à¤¤à¤ªà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में मिल जाता है और मतली और उलà¥à¤Ÿà¥€ को टà¥à¤°à¤¿à¤—र कर सकता है।
कà¥à¤¯à¤¾ उलà¥à¤Ÿà¥€ अपने आप दूर हो सकती है?
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामलों में, उलà¥à¤Ÿà¥€ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ घरेलू उपचार और काउंटर दवाओं से अपने आप ठीक हो जाती है और à¤à¤¸à¥‡ मामलों में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती है। हालांकि कà¥à¤› मामलों में, लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¤¾ उतना आसान नहीं होता है और अधिक आवृतà¥à¤¤à¤¿ के साथ-साथ लंबे समय तक रहने से सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ होता है। à¤à¤¸à¥‡ मामलों को गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ से लेना चाहिठऔर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से चरà¥à¤šà¤¾ करनी चाहिà¤à¥¤
उलà¥à¤Ÿà¥€ का डायगà¥à¤¨à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ कैसे किया जाता है?
उलà¥à¤Ÿà¥€ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का डायगà¥à¤¨à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ कà¥à¤› आधार पर किया जाता है जिसमें वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का पारिवारिक और चिकितà¥à¤¸à¤¾ इतिहास, शारीरिक परीकà¥à¤·à¤£ और वयसà¥à¤•ों के साथ-साथ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का पैटरà¥à¤¨ या साइकिल शामिल होता है। इनके अलावा, पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—शाला में किठगठकà¥à¤› मेडिकल टेसà¥à¤Ÿà¥à¤¸ जैसे बà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ, यूरिन टेसà¥à¤Ÿà¥à¤¸, इमेजिंग टेसà¥à¤Ÿà¥à¤¸, और अपर जीआई à¤à¤‚डोसà¥à¤•ोपी à¤à¥€ डायगà¥à¤¨à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के तरीके हैं।
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